
लिफ्ट के दरवाज़े बंद होते ही लवी की टांगें जैसे जवाब दे गईं। उसने दीवार का सहारा लिया। दिल अभी भी बेकाबू था।
“ये आदमी आखिर चाहता क्या है…” उसने खुद से फुसफुसाया।


लिफ्ट के दरवाज़े बंद होते ही लवी की टांगें जैसे जवाब दे गईं। उसने दीवार का सहारा लिया। दिल अभी भी बेकाबू था।
“ये आदमी आखिर चाहता क्या है…” उसने खुद से फुसफुसाया।

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