कभी-कभी इश्क़ सिर्फ़ मोहब्बत नहीं होता… वो एक ऐसा गुनाह बन जाता है। वो था माफ़िया की दुनिया का बेताज बादशाह—24साल काविक्रांत खन्ना। बेरहम, ख़तरनाक… जिसकी दुनिया में प्यार से ज़्यादा नफ़रत थी। और वो थी चाँद कपूर — जो अपनी बेटी के साथ सिर्फ़ सुकून की ज़िंदगी चाहती थी। पर किस्मत ने उसे बाँध दिया एक ऐसे शख़्स से, जिससे नज़रें मिलाना भी ख़तरा था। ये कहानी सिर्फ़ प्यार की नहीं… ये गुनाह, वफ़ादारी और जंग की कहानी है। इस इश्क़ में एक ही रास्ता है— या तो जियो… या मिट जाओ।












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