
Novel Era janam
Show your support
Aap log Chaho to mujhe Yahan per support kar sakte ho mujhe aap Logon ki support ki dher sari jarurat hai ❤️❤️🧿

Aap log Chaho to mujhe Yahan per support kar sakte ho mujhe aap Logon ki support ki dher sari jarurat hai ❤️❤️🧿
Write a comment ...


यह कहानी है माही और अथर्व ठाकुर की। अथर्व ठाकुर एक बड़ा बिजनेसमैन है, जो एरोगेंट, गुस्सैल और एटीट्यूड से भरा हुआ है। वह सालों तक अपने परिवार से दूर USA में रहा। उसे मिडिल क्लास लोगों से बिल्कुल पसंद नहीं, लेकिन अपनी दादी और बहन से वह बहुत प्यार करता है और उनके लिए कुछ भी कर सकता है। दूसरी तरफ माही है, जो 18 साल की एक मासूम, चुलबुली और दिल की बहुत साफ मिडिल क्लास लड़की है। उसकी खूबसूरती और मासूमियत ऐसी है कि कोई भी उसे देखकर अपना दिल हार जाए। वह हर किसी से प्यार से बात करती है और हमेशा सबकी मदद करने की कोशिश करती है। दोनों की दुनिया बिल्कुल अलग है, लेकिन किस्मत उन्हें एक ही रास्ते पर ले आती है। अब देखना यह है कि उनकी कहानी नफरत से शुरू होकर प्यार तक पहुँचती है या फिर हमेशा के लिए अधूरी रह जाती है।



कभी-कभी इश्क़ सिर्फ़ मोहब्बत नहीं होता… वो एक ऐसा गुनाह बन जाता है। वो था माफ़िया की दुनिया का बेताज बादशाह—24साल काविक्रांत खन्ना। बेरहम, ख़तरनाक… जिसकी दुनिया में प्यार से ज़्यादा नफ़रत थी। और वो थी चाँद कपूर — जो अपनी बेटी के साथ सिर्फ़ सुकून की ज़िंदगी चाहती थी। पर किस्मत ने उसे बाँध दिया एक ऐसे शख़्स से, जिससे नज़रें मिलाना भी ख़तरा था। ये कहानी सिर्फ़ प्यार की नहीं… ये गुनाह, वफ़ादारी और जंग की कहानी है। इस इश्क़ में एक ही रास्ता है— या तो जियो… या मिट जाओ।



19 साल की सान्वी को उसके ही दोस्त ने धोखे से बेचा। वहाँ उसका नाम नहीं, सिर्फ कीमत थी। हर रात उसकी दुनिया एक नई सज़ा बन चुकी थी। उसी अँधेरे में 28 साल का आर्यमान राणा आया। उसने सान्वी को खरीद लिया और वहाँ से ले गया, लेकिन हर दिन उसे यही एहसास दिलाता रहा — वह “खरीदी हुई” है। सान्वी की नफ़रत उसकी हर बात पर बढ़ती रही। फिर एक दिन सच सामने आया — सान्वी वहाँ सिर्फ दोस्त की गद्दारी की वजह से नहीं पहुँची थी, बल्कि आर्यमान के पुराने बदले का हिस्सा थी। अब सवाल यह है — क्या सान्वी सिर्फ बदले की कीमत थी, या दोनों पहले से ही एक ही दर्द की धुन में बंधे थे? और क्या ये नफ़रत कभी मोहब्बत में बदल सकती है… या दर्द हमेशा उन्हें अलग ही रखेगा?




Write a comment ...